
विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, क्रमांक -3, दिल्ली कैंट की स्थापना 1984 में हुई थी। यह 15 एकड़ भूमि में फैला हुआ है और शैक्षणिक, अनुशासन और सह-पाठ्यचर्या संबंधी गतिविधियों के क्षेत्र में अद्वितीय है। यह विद्यालय मूल्य आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है। विद्यालय अपनी स्थापना के बाद से न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में, बल्कि सह-पाठ्यचर्या संबंधी गतिविधियों और
विकास का महत्वपूर्ण मील का पत्थर...
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
रक्षा तथा अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों सहित केन्द्रीय सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा के एक समान पाठ्यक्रम के तहत शिक्षा प्रदान कर उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना । विद्यालयी शिक्षा को उत्कृष्टता के शिखर पर पहुँचाना । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को आरंभ करना और बढ़ावा देना।
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
रक्षा तथा अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों सहित केन्द्रीय सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा के एक समान पाठ्यक्रम के तहत शिक्षा प्रदान कर उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना । विद्यालयी शिक्षा को उत्कृष्टता के शिखर पर पहुँचाना । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को आरंभ करना और बढ़ावा देना।
संदेश
श्री वरुण मित्रा
उपायुक्त
“शिक्षा सोच को आकार देती है, चरित्र का निर्माण करती है और राष्ट्र को मज़बूत बनाती है।” तेज़ी से हो रही तकनीकी प्रगति और अभूतपूर्व बदलावों के इस दौर में, शिक्षा केवल ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं है; यह चरित्र, रचनात्मकता, क्षमता और संवेदना को विकसित करने का माध्यम है। केंद्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, उत्कृष्टता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ, एक प्रगतिशील, समावेशी और जागरूक भारत की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय विद्यालय हमेशा से ही सीखने, अनुशासन, विविधता और राष्ट्रीय एकता के जीवित उदाहरण रहे हैं, जहाँ पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति, टेक्नोलॉजी और जीवन-कौशल पर भी ध्यान दिया जाता है। हमारी कोशिश ऐसे नागरिक तैयार करने की है जो आत्मविश्वासी, संवेदनशील, मुश्किलों का सामना करने वाले, ज़िम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार हों। इस सोच को ध्यान में रखते हुए, हमारे विद्यालय, शिक्षा का ऐसा श्रोत हैं जहाँ बच्चे सवाल पूछतें है , प्रयोग करते है , नई चीज़ें खोजते है , मिलकर काम करते है और कुछ नया सिखते और बनाते हैं । नई टेक्नोलॉजी नन्ही सोंच को सीखने में मदद करती है और शिक्षक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते है जो शिक्षार्थी को ज्ञान और उनके सपनों को कामयाबी में बदलने के लिए प्रेरित करते है। शिक्षक भविष्य के निर्माता और बदलाव लाने वाले होते हैं। नई शिक्षा निति 2020 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनका लगातार प्रोफेशनल डेवलपमेंट, पढ़ाने का नया और अनोखा तरीका और हर सीखने वाले के प्रति समर्पण बहुत ज़रूरी है। जैसे-जैसे हम ‘विकसित भारत’ के विज़न की ओर बढ़ रहे हैं, आइए हम हर केंद्रीय विद्यालय को क्रिएटिविटी, अच्छे चरित्र और क्षमता का केंद्र बनाने का संकल्प लें, जहाँ हर बच्चा अपनी काबिलियत को पहचाने और हर शिक्षक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने में सक्षम हो। आइए, हम पूरे विश्वास, सहयोग और प्रतिबद्धता के साथ मिलकर एक ऐसा शैक्षिक माहौल बनाएं जहाँ हर सीखने वाला आगे बढ़ सके, हर प्रतिभा को निखरने का मौका मिले,हर सपने को सही दिशा मिले और वह सफलता के नए शिखरों को छुएँ। केन्द्रीय विद्यालय संगठन एक समृद्ध, प्रेरणादायी एवं समावेशी शिक्षण वातावरण प्रदान करता है, जहाँ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने, अपनी प्रतिभा को निखारने तथा ज्ञान, कौशल और मूल्यों से सुसज्जित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य को आकार देने के लिए निरंतर प्रेरित होते हैं। मैं, सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल एवं सार्थक भविष्य की हार्दिक मंगलकामना करता हूँ। वे लगातार सीखते रहें, आगे बढ़ें, बेहतरीन प्रदर्शन करें और देश के विकास में सार्थक योगदान दें। जय हिंद!
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अवनीश कुमार पाठक
प्राचार्य
प्रिय,विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों इस विद्यालय के लिए हमारा दृष्टिकोण केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करना नहीं है बल्कि, विद्यार्थियों में दयालुता, रचनात्मकता और आलोचनात्मक विचारों का पोषण करने वाले गुणों का विकास करना है। जो पल-पल बदलती इस दुनिया में पनपने और विकसित होने के लिए आवश्यक कौशलों और मानसिकता से युक्त होना हैं। विद्यार्थियों को स्वयं सीखने के अवसर को बढ़ावा देकर हम यह आकांक्षा रखते हैं कि जहाँ छात्रों को अंतर्निहित प्रतिभाओं को खोजने व जानने का अवसर मिले। वह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विविधता को अपनाएँ और नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए खुद को चुनौती के रूप में देखे इसके लिए उन्हे निरंतर प्रोत्साहित किया जाए। शिक्षा, हमारे लिए, केवल साध्य का साधन नहीं है, बल्कि आत्म-खोज और व्यक्तिगत विकास की यात्रा है। यह हमारे छात्रों में शिक्षा और सीखने के प्रति आजीवन प्रेम और अपने आसपास की दुनिया के बारे में जानने की जिज्ञासा की भावना पैदा करना है। उन्हें न केवल यह सिखाना है कि क्या सोचना है, बल्कि कैसे सोचना है - विवेक और ईमानदारी के साथ जानकारी पर प्रश्न उठाना, विश्लेषण करना और उसका मूल्यांकन करना भी शामिल है। हमारे शैक्षिक दर्शन के मूल में प्रत्येक व्यक्ति की अंतर्निहित गरिमा और क्षमता में विश्वास निहित है। हम एक ऐसा पोषण समुदाय बनाने का प्रयास करते हैं जहाँ विद्यार्थी स्वयं को सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए मूल्यवान, समर्थित और सशक्त महसूस करे। हमारा लक्ष्य सिर्फ छात्रों को आज की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना नहीं है, बल्कि उन्हें कल की जटिलताओं से निपटने के लिए कौशलयुक्त, लचीलापन और नैतिक क्षमता के गुणों से परिपूर्ण करना है। आइए हम इस प्रगतिशील यात्रा को एक साथ आरम्भ करते हैं, और संकल्प लेते है कि उत्कृष्टता, नवाचार और करुणा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ रहेंगे। आइए हम इसे एक ऐसा विद्यालय बनाएँ जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी कार्य को स्वयं करके सीखें। जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी यह महसूस करे कि उसे देखा, सुना और महत्व दिया गया है - एक ऐसा विद्यालय जहाँ सपनों को पोषित किया जाता है और उज्ज्वल भविष्य बनाए जाते हैं। नमस्कार, अवनीश कुमार पाठक प्रधानाचार्य
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
- हिंदी माह 2026 के अवसर पर माननीय आयुक्त महोदय की ओर से जारी अपील नई
- संशोधित डेट शीट टर्म 1, कक्षाएँ VI-VIII, PT 2, कक्षाएँ IX & X, सत्र 2026-27 नई
- सत्र 2026-27 के लिए अस्थायी रूप से चयनित संविदा शिक्षकों की सूची नई
- सत्र 2026-27 के लिए संविदात्मक साक्षात्कार नई
- सत्र 2025-26 हेतु कक्षा X एवं XII के Pre-Board-II के समस्त विषयों के प्रश्न पत्र नई
दिखाने के लिए कोई पोस्ट नहीं
चीजों का अन्वेषण करें
शैक्षणिक योजनाकार
सत्र 2026-27 के लिए शैक्षणिक योजनाकार
शैक्षिक परिणाम
पिछले और वर्तमान वर्षों के विद्यालय का सीबीएसई परीक्षा परिणाम विश्लेषण
बाल वाटिका
विद्यालय में उपलब्ध नहीं है
निपुण लक्ष्य
निपुण : समझदारी और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में दक्षता के लिए राष्ट्रीय पहल
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
विद्यार्थियों को सीखने में निरंतर सहयोग
अध्ययन सामग्री
कक्षा X एवं XII के समस्त विषयों के प्रश्न पत्र
कार्यशालाएं और प्रशिक्षण
आगामी कार्यशालाएं और प्रशिक्षण
विद्यार्थी परिषद
विद्यार्थी परिषद
अपने स्कूल को जानें
वर्षवार यू. डी. आई. एसई स्कूल रिपोर्ट
अटल टिंकरिंग लैब
गतिविधि आधारित शिक्षा
डिजिटल भाषा लैब
एक व्यापक ई-लर्निंग समाधान
आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
विविध तकनीकी उपकरण
पुस्तकालय
ज्ञान संसाधन केंद्र
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
जिज्ञासा के इनक्यूबेटर
भवन एवं बाला पहल
बाला के अंतर्गत गतिविधियाँ
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
विद्यालय में एथलेटिक माहौल
एसओपी/एनडीएमए
सुरक्षित और आपदा प्रतिरोधी विद्यालय का निर्माण
खेल
स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रोत्साहन
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
स्काउट एवं गाइड गतिविधियाँ
शिक्षा भ्रमण
समग्र विकास
ओलम्पियाड
युवा प्रेरणा पहल
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
रचनात्मकता और नवीनता
एक भारत श्रेष्ठ भारत
अनेकता में एकता
हस्तकला या शिल्पकला
रचनात्मकता और कल्पनाशीलता
मजेदार दिन
मनोरंजन के साथ गतिविधियाँ
युवा संसद
युवाओं के लिए बनावटी संसदीय प्रणाली
पीएम श्री स्कूल
पीएम श्री स्कूल शोकेस
कौशल शिक्षा
यह छात्रों की कौशल दक्षता को पहचानने में मदद करता है
मार्गदर्शन एवं परामर्श
मानसिक स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए सहायता
सामाजिक सहभागिता
आवश्यक मानव संसाधनों का विस्तार
विद्यांजलि
स्कूल स्वयंसेवक कार्यक्रम
प्रकाशन
के .वी. एस ई-प्रकाशन
समाचार पत्र
सीएमपी के अंतर्गत समाचार पत्र
विद्यालय पत्रिका
ई पत्रिका
देखें क्या हो रहा है ?
छात्रों के बारे में समाचार और कहानियाँ, और पूरे स्कूल में नवाचार
GOLD MEDALIST IN U-15 BOXING CAMPIONSHIP
भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर
क्लासरूम अवार्ड्स - सबसे अनुशासित छात्र
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
छात्र योगेश प्रसाद ने GWS अविष्कार अवॉर्ड में भाग लेकर यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया
GYS Avishkar Award: Project -``Medicine Redistribution System
श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और कक्षा बारहवीं
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
सत्र 2025-26
उपस्थित 207 उत्तीर्ण 207
सत्र 2024-25
उपस्थित 184 उत्तीर्ण 184
सत्र 2023-24
उपस्थित 177 उत्तीर्ण 175
सत्र 2022-23
उपस्थित 197 उत्तीर्ण 196
सत्र 2025-26
उपस्थित 163 उत्तीर्ण 160
सत्र 2024-25
उपस्थित 173 उत्तीर्ण 173
सत्र 2023-24
उपस्थित 161 उत्तीर्ण 159
सत्र 2022-23
उपस्थित 258 उत्तीर्ण 239
First position at Regional level